इहाँ रोजी-रोटी के दँवरी नधाइल-पांडेय कपिल

इहाँ रोजी-रोटी के दँवरी नधाइल-पांडेय कपिल

बहुत कुछ कहाइल,बहुत कुछ लिखाइल मगर बात मन के कबो न ओराइल लिखाइल भले...